गर्भवती की मौत पर जवाबदेही तय, टोंक मामले की जांच के आदेश
टीबी मुक्त भारत अभियान में भी लापरवाही पर सख्ती—शत-प्रतिशत मरीजों का इलाज शुरू कराने के निर्देश
जयपुर। स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मुक्त भारत अभियान और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाया है। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने गुरुवार को स्वास्थ्य भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेशभर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार और गर्भवती महिलाओं की देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के दौरान उन्होंने प्रदेश में स्क्रीनिंग, जांच, उपचार एवं पोषण किट वितरण की प्रगति जानी। सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार शत-प्रतिशत टीबी रोगियों का उपचार शुरू कराने तथा नॉट मशीनों का पूरा उपयोग कर स्क्रीनिंग और जांच बढ़ाने के निर्देश दिए। निक्षय पोर्टल पर दर्ज होने वाली दैनिक रिपोर्ट के आधार पर नियमित निगरानी करने को भी कहा गया।
कपासन में कार्रवाई, टोंक मामले की जांच के निर्देश
बैठक में पिछले चार दिनों में हुई मातृ मृत्यु के मामलों की केसवार समीक्षा की गई। चित्तौड़गढ़ के कपासन में उच्च जोखिम वाले लक्षण होने के बावजूद गर्भवती महिला की समुचित स्क्रीनिंग नहीं करने और एचआरपी रजिस्टर में दर्ज नहीं करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एएनएम और ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
वहीं, टोंक जिले की गर्भवती महिला की महिला चिकित्सालय में रेफर किए जाने के बाद हुई मृत्यु के मामले में सोमवार तक जांच पूरी कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पताल भवन शुरू नहीं हुए तो होगी समीक्षा
प्रमुख शासन सचिव ने नवनिर्मित चिकित्सालय भवनों के शुभारंभ के बाद उनकी वास्तविक क्रियाशीलता सुनिश्चित करने को कहा। जिन स्थानों पर शिलान्यास हो चुका है, वहां समय पर निर्माण शुरू कर निर्धारित अवधि में कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।
मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. जोगाराम ने रेफरल सेवाओं की समीक्षा करते हुए 104 जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस को दुरुस्त रखने, समय पर मेंटेनेंस कराने और आपात स्थिति में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने चिकित्सा संस्थानों में साफ-सफाई, समय पर संचालन, स्टाफ की निर्धारित यूनिफॉर्म, मरीजों एवं परिजनों से शालीन व्यवहार, ऑपरेशन थिएटर में स्टरलाइजेशन तथा बायोमेडिकल वेस्ट के उचित प्रबंधन पर जोर दिया। साथ ही दवाओं की उपलब्धता, उपकरणों की क्रियाशीलता, सुरक्षा गार्ड और व्यवस्थित पार्किंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर, निदेशक एड्स डॉ. सुशील परमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


