मालपुरा में टिकट की दौड़ तेज, भाजपा-कांग्रेस के दावेदारों की जयपुर तक दौड़
मालपुरा (टोंक)। नगर पालिका चुनाव-2026 को लेकर मालपुरा में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। 40 वार्डों वाली नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस के संभावित दावेदार टिकट हासिल करने के लिए पार्टी स्तर पर सक्रिय हैं। वहीं निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी शुरू कर दी है। आरएलपी की ओर से भी विभिन्न वार्डों में प्रत्याशी उतारे जाने की संभावना है।
निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही भाजपा और कांग्रेस में टिकट को लेकर दावेदारों की सक्रियता बढ़ गई है। वार्ड स्तर पर संपर्क और पार्टी पदाधिकारियों के समक्ष दावेदारी रखने के साथ ही कई दावेदार पार्टी के जिला एवं प्रदेश स्तर के नेताओं से भी संपर्क साध रहे हैं। टिकट की दौड़ में शामिल दावेदार मालपुरा से लेकर जयपुर तक पार्टी स्तर पर अपनी दावेदारी रखने में जुटे हैं।
भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के सामने 40 वार्डों के लिए प्रत्याशियों का चयन बड़ी चुनौती माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व के सामने दावेदारों की संख्या, स्थानीय समीकरण, संगठन से जुड़ाव और चुनावी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रत्याशी तय करने की प्रक्रिया है। टिकट वितरण के बाद संभावित असंतोष और बागी प्रत्याशियों को संभालना भी दोनों प्रमुख दलों के लिए चुनौती हो सकता है।
वार्ड नंबर 24 में भी भाजपा टिकट को लेकर दावेदारियों की चर्चा है। वार्ड से जुड़े कुछ लोगों की ओर से पार्टी संगठन के समक्ष एक नाम पर विचार करने का आग्रह किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि यह केवल एक दावेदारी के रूप में सामने आया है और पार्टी की ओर से अभी अधिकृत प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है। इसी तरह अन्य वार्डों में भी भाजपा और कांग्रेस से टिकट के इच्छुक कार्यकर्ता अपनी-अपनी दावेदारियां पार्टी स्तर पर रख रहे हैं।
दूसरी ओर निर्दलीय प्रत्याशियों की सक्रियता से भी चुनावी मुकाबले के बहुकोणीय होने के आसार हैं। कई वार्डों में पार्टी टिकट नहीं मिलने की स्थिति में दावेदार निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। वहीं आरएलपी की ओर से भी प्रत्याशी मैदान में उतारे जाने की संभावना के चलते कुछ वार्डों में मुकाबला भाजपा-कांग्रेस तक सीमित नहीं रहने के संकेत मिल रहे हैं।
मालपुरा में इस बार चुनावी मुकाबले की तस्वीर टिकट वितरण के बाद और स्पष्ट होने की उम्मीद है। भाजपा और कांग्रेस द्वारा अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही वार्डवार राजनीतिक समीकरण सामने आएंगे। इसके बाद निर्दलीय और आरएलपी प्रत्याशियों की मौजूदगी चुनावी मुकाबले को किस दिशा में ले जाती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल दोनों प्रमुख दलों में टिकट को लेकर अंदरूनी स्तर पर मंथन और दावेदारों की भागदौड़ जारी है। अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। आचार संहिता प्रभावी होने के कारण चुनाव से जुड़ी सभी गतिविधियों में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक होगा।


