अविकानगर में कर्मचारियों से संवाद, महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट ने सुने मुद्दे
कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश, युवा वैज्ञानिकों को विश्वस्तरीय शोध के लिए किया प्रेरित
अविकानगर (टोंक)। केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर में 20 अगस्त 2026 को शाम 5 बजे “अविकानगर संस्थान कर्मचारी संवाद कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईसीएआर के महानिदेशक एवं सचिव (डेयर) डॉ. मांगीलाल जाट ने की। इस दौरान उप-महानिदेशक (पशु विज्ञान) डॉ. राघवेंद्र भट्टा, संस्थान निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर, आईसीएआर मुख्यालय नई दिल्ली के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारी तथा संस्थान की विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई। संस्थान द्वारा निर्मित ऊनी उत्पाद भेंट कर अतिथियों का अभिनंदन किया गया। संस्थान निदेशक डॉ. तोमर ने संस्थान की वर्तमान गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी देते हुए महानिदेशक और उप-महानिदेशक के निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
कर्मचारियों को संबोधित करते हुए डॉ. मांगीलाल जाट ने संस्थान की राष्ट्रीय प्रतिष्ठा को और मजबूत करने के लिए कर्मचारियों से सुझाव आमंत्रित किए। उन्होंने युवा वैज्ञानिकों को पूर्ण वित्तीय एवं प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाते हुए विश्वस्तरीय और उच्च प्रभाव वाले अनुसंधान के लिए प्रेरित किया।
संवाद कार्यक्रम में कर्मचारियों ने विभिन्न समस्याएं एवं मुद्दे भी सामने रखे। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य समस्याओं के शीघ्र एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए डॉ. जाट ने आईसीएआर मुख्यालय से आए प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
उप-महानिदेशक डॉ. राघवेंद्र भट्टा ने संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए ‘अविशान’ भेड़ नस्ल की सफलता को रेखांकित किया। उन्होंने इसे भारतीय कृषि के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए देशभर के प्रगतिशील किसानों तक इसकी पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने अविकानगर में अपनी पहली नियुक्ति के दस वर्षों के अनुभव को अपने करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए वैज्ञानिकों को उच्च प्रभाव वाले शोध के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अतिथियों ने संस्थान के दो प्रमुख प्रकाशनों—नवीनतम न्यूज़लेटर तथा “Engineered Green Composites from Coarse Wool Natural Rubber” नामक तकनीकी प्रकाशन का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. जाट ने उत्तरदायी शासन एवं बेहतर कार्य वातावरण के लिए संस्थान के निदेशकों और प्रशासनिक टीमों के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने का आह्वान किया। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी आई.बी. कुमार ने आभार व्यक्त किया।


