प्रसूता की मौत मामले में जांच की मांग, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
अखिल माली सेवा संस्थान ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग,
दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई और नवजात के भविष्य की जिम्मेदारी सरकार से लेने की अपील
देवली। बूंदी में प्रसव के बाद उपचार के दौरान सोनिया सैनी की मौत के मामले को लेकर अखिल माली सेवा संस्थान रजि. शाखा टोंक की ओर से शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम देवली उपखण्ड अधिकारी रूबी अंसारी को ज्ञापन सौंपा गया। संस्था ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करवाकर यदि चिकित्सकीय लापरवाही या किसी स्तर पर जिम्मेदारी सामने आती है तो संबंधित चिकित्सकों एवं कार्मिकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की।

संस्था के प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी भैरूलाल माली ने बताया कि सोनिया सैनी को प्रसव के लिए बूंदी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसव के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने तथा ऑपरेशन के टांकों से लगातार रक्तस्राव होने के बाद उसे कोटा रेफर किया गया। वहां उपचार के दौरान 19 अगस्त 2026 को उसकी मौत हो गई। परिजनों की ओर से उपचार में लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच की मांग संस्था ने की है।
ज्ञापन में कहा गया कि घटना के बाद परिवार पर आर्थिक एवं मानसिक संकट आ गया है। नवजात बालिका ने जन्म के तुरंत बाद अपनी मां को खो दिया। ऐसे में संस्था ने मृतका के आश्रित परिवार को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा नवजात बच्ची के पालन-पोषण और शिक्षा के लिए आवश्यक सरकारी सहायता देने की मांग की।
संस्था ने सरकार से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाकर तथ्य सामने लाने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही पीड़ित परिवार को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने की अपील की।
संस्था पदाधिकारियों ने कहा कि यदि मांगों पर समय रहते उचित कार्रवाई नहीं होती है तो समाज की ओर से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान सह सचिव हरिशंकर सैनी, उप कोषाध्यक्ष नोरत मल माली, देवली तहसील अध्यक्ष शिवराज माली सहित गोविन्द माली, शंकर माली, अजय माली, राजवीर सैनी, विकास, प्रभु, मुकेश, सूरजमल, हरलाल सहित अनेक समाजबंधु मौजूद रहे।


