कुर्सी नई, चैंबर फिर नया ! लाखों के खर्च पर पालिका से जनता के सवाल
मालपुरा (टोंक)। शहर के नवनिर्वाचित चेयरमैन के लिए चैंबर निर्माण का कार्य प्रगति पर है, लेकिन यह चैंबर भी अस्थायी बताया जा रहा है। नई नगरपालिका भवन का निर्माण अन्य स्थान पर प्रस्तावित है, जहां भविष्य में चेयरमैन का स्थायी कक्ष बनाया जाएगा। ऐसे में मौजूदा निर्माण पर खर्च को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व पालिकाध्यक्ष सोनिया सोनी के कार्यकाल में भी नगरपालिका परिसर में लाखों रुपए की लागत से चेयरमैन कक्ष बनाया गया था, लेकिन उसका उपयोग तक नहीं हो सका। अब पशु चिकित्सालय परिसर में नए चेयरमैन के लिए फिर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

सवाल यह भी है कि जब पालिका परिसर में पालिकाध्यक्ष के लिए चैम्बर बना हुआ है तो अस्थायी चैंबर के निर्माण की जरूरत क्यों पड़ी, इसकी स्वीकृति किस स्तर से ली गई और निर्माण पर कितनी राशि खर्च हो रही है? क्या इसके लिए निर्धारित नियमों के तहत निविदा अथवा अन्य प्रक्रिया अपनाई गई है? यदि जल्द ही नया भवन बनना है तो इस खर्च की उपयोगिता क्या होगी? जनता अब खर्च, स्वीकृति और पूरी निर्माण प्रक्रिया का सार्वजनिक ब्यौरा चाहती है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब नया भवन बनना प्रस्तावित है तो अस्थायी निर्माण पर सरकारी धन खर्च करना कितना उचित है? शहर में सड़क, नाली, सफाई और जलभराव जैसी समस्याएं मौजूद हैं। ऐसे में बार-बार चैंबर निर्माण और उसके उपयोग पर जनता के पैसे का खर्च पालिका प्रशासन की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर रहा है।


