पीमूण की मिट्टी से निकली डॉक्टर दिलशाना, सफलता से गांव और समाज में खुशी की लहर
मालपुरा (टोंक)। मालपुरा उपखंड के छोटे से गांव पीमूण की होनहार बेटी दिलशाना बानों पुत्री अब्दुल सत्तार खान तंवर, पौत्री छीतर खां तंवर (टी.एम. मेडिकल, मालपुरा) ने BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) की डिग्री हासिल कर परिवार, गांव और पूरे देशवाली समाज का नाम रोशन किया है। गांव की साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में डॉक्टर बनने तक का उनका सफर कड़ी मेहनत, लगन, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की मिसाल है।

दिलशाना बानों की सफलता ने साबित किया है कि बड़े सपनों के लिए बड़ा शहर नहीं, बल्कि बड़ा हौसला और निरंतर मेहनत जरूरी है। उनकी उपलब्धि क्षेत्र की उन बेटियों के लिए भी प्रेरणा बनी है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखती हैं। उन्होंने यह संदेश दिया कि परिवार का सहयोग और शिक्षा का अवसर मिले तो बेटियां किसी भी मुकाम को हासिल कर सकती हैं।
डॉ. दिलशाना के डॉक्टर बनने की खबर से परिवार, गांव और देशवाली समाज में खुशी का माहौल है। समाजजनों एवं ग्रामीणों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लोगों ने उम्मीद जताई कि डॉ. दिलशाना आयुर्वेदिक चिकित्सा के माध्यम से मानव सेवा करते हुए स्वास्थ्य और जागरूकता के क्षेत्र में योगदान देंगी। पीमूण की इस बेटी की कामयाबी ने गांव की बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है।


