गणेश विसर्जन के मंच से गोपाल गुर्जर की दो टूक—“पानी-बिजली के लिए पालिका के चक्कर न काटे आमजन”
मालपुरा (टोंक)। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शुक्रवार को शहर में गणेश विसर्जन शोभायात्राओं के बीच मालपुरा के विकास और आमजन की मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठा। सुभाष सर्किल पर हिंदू समरसता मंच एवं गणेश महोत्सव समिति की ओर से आयोजित गणेश विसर्जन कार्यक्रम में समाजसेवी एवं पूर्व उपप्रधान गोपाल गुर्जर ने नवनिर्वाचित नगर पालिकाध्यक्ष जिनेंद्र जैन से शहर की व्यवस्थाओं को लेकर प्रभावी कदम उठाने की अपील की।

गोपाल गुर्जर ने कहा कि “नगर पालिका में कोई भी व्यक्ति पानी-बिजली की समस्या लेकर नहीं आए, ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। आमजन को मूलभूत सुविधाओं के लिए पालिका के चक्कर नहीं काटने पड़ें।” उन्होंने कहा कि पालिका का उद्देश्य केवल शिकायत मिलने के बाद समस्या का समाधान करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना होना चाहिए, जिससे आमजन को बार-बार शिकायत लेकर कार्यालय तक पहुंचने की जरूरत ही न पड़े।
रोजगार और उच्च शिक्षा पर भी उठाई आवाज
गोपाल गुर्जर ने कहा कि मालपुरा रोजगार, शिक्षा और विकास के क्षेत्र में अभी पिछड़ा हुआ है। शहर के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलें, इसके लिए ठोस प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा के बेहतर संस्थान और सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी जताई। गुर्जर ने कहा कि शहर से अर्जित राजस्व का उपयोग शहर के विकास में होना चाहिए, ताकि सड़क, पानी, बिजली, सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं में सुधार हो सके।

पालिका के सामने रखी आमजन की अपेक्षा
उन्होंने नवनिर्वाचित पालिकाध्यक्ष जिनेंद्र जैन से कहा कि शहरवासियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की स्थिति से बाहर निकालना जरूरी है। पानी और बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं की शिकायतों का त्वरित समाधान हो तथा आमजन को समय पर सुविधाएं मिलें, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए।
आस्था के बीच विकास का संदेश
गणेश विसर्जन कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष जिनेंद्र जैन मैंदवास्या, साध्वी समदर्शी जी, ओमप्रकाश सोनी, उत्तम जैन, योगेंद्र गुप्ता, एडवोकेट राजकुमार जैन सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजक मंडल की ओर से अतिथियों का स्वागत किया गया।
इससे पहले शहर के विभिन्न स्थानों पर स्थापित गणपति प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्राएं निकाली गईं। ढोल नगाड़ों पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में श्रद्धालु शोभायात्राओं में शामिल हुए। धार्मिक उत्साह और उल्लास के बीच आयोजित कार्यक्रम में गोपाल गुर्जर द्वारा उठाए गए पानी, बिजली, रोजगार, शिक्षा और विकास के मुद्दों ने शहर की मूलभूत जरूरतों को चर्चा के केंद्र में ला दिया।


