40 वार्डों का रोडमैप क्या होगा… अब माला-साफे नहीं, विकास पर होगी सियासत..?
मालपुरा (टोंक)। नगर पालिका के 40 वार्डों में नई राजनीतिक तस्वीर सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल विकास की दिशा को लेकर है। चुनाव जीतकर कुर्सी तक पहुंचना जनप्रतिनिधियों की मंजिल नहीं, बल्कि जनता के विश्वास की असली परीक्षा की शुरुआत है।
मालपुरा नगर पालिका में 40 वार्ड हैं। अब राजनीतिक चर्चा इस बात पर होनी चाहिए कि 40 वार्डों के लिए विकास का रोडमैप क्या होगा ? सफाई, नाली, सड़क, स्ट्रीट लाइट और जलभराव जैसी रोजमर्रा की समस्याओं के साथ रेरा नियमों की कथित अनदेखी से विकसित कॉलोनियों, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, ऐतिहासिक जलाशयों की बदहाली और कचरा संग्रहण केंद्रों की अव्यवस्था जैसे बड़े मुद्दों पर क्या ठोस पहल होगी ? नई पालिका बोर्ड के सामने चुनौती केवल सत्ता चलाने की नहीं, बल्कि 40 वार्डों के बीच संतुलित विकास और प्राथमिकताएं तय करने की भी है। जनता अब यह देखना चाहेगी कि चुनावी वादे और राजनीतिक दावे जमीन पर कितने खरे उतरते हैं। माला-साफे का दौर पूरा हो चुका है, अब शहर विकास का हिसाब और स्पष्ट रोडमैप मांग रहा है।


